दुल्हन की डोली में रखी जाती थी ये पाकिस्तान खास रोटी, जानें मुल्तान की अनोखी परंपरा

दुल्हन की डोली में जाती थी रोटी Image Credit source: Instagram/aqsajutt1212

भारत और पाकिस्तान भले ही आज दो अलग-अलग देशों में हैं, लेकिन दोनों जगहों के खानपान और रहन-सहन में कई ऐसी चीजें हैं, जो एक-दूसरे से काफी मिलती-जुलती हैं. खासकर रोटियों की बात करें तो दोनों देशों में तरह-तरह की रोटियां बनाई और खाई जाती हैं. अब पाकिस्तान की एक खास रोटी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है, जिसकी कहानी सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि करीब 100 साल पुरानी परंपरा से जुड़ी हुई है.

इस रोटी का नाम है डोली रोटी. इसका एक वीडियो इंस्टाग्राम पर अक्सा जट ने शेयर किया है. वीडियो में अक्सा मुल्तान की इस खास रोटी के बारे में बताती नजर आती हैं. उनके मुताबिक, कभी यह रोटी शादी-ब्याह के दौरान दुल्हन की डोली के साथ भेजी जाती थी और बारात के सफर में लोगों के खाने का इंतजाम इसी के जरिए किया जाता था.

मुल्तान की मशहूर फहीम रोटी वाले

अक्सा बताती हैं कि आज के दौर में शादी की बारात कुछ घंटों में गाड़ी, बस या फ्लाइट से एक जगह से दूसरी जगह पहुंच जाती है. लेकिन करीब एक सदी पहले ऐसा नहीं था. उस समय बारात को आने-जाने में कई दिन लग जाते थे. लोग घोड़ों और तांगों से लंबा सफर तय करते थे. रास्ते में खाने-पीने का सामान आसानी से मिल जाए, यह भी जरूरी नहीं था.

ऐसे में सफर के लिए पहले से खाने का इंतजाम करना पड़ता था. इसी जरूरत से डोली रोटी की परंपरा जुड़ी. यह मीठी रोटी लंबे सफर के दौरान साथ रखी जाती थी, ताकि जब किसी को भूख लगे तो वह इसे खा सके. आसान भाषा में कहें तो उस दौर में यह रोटी रास्ते के खाने का एक भरोसेमंद सहारा हुआ करती थी. समय के साथ इस रोटी में भी बदलाव आया.

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पहले इसे मुख्य रूप से मीठे स्वाद में तैयार किया जाता था, लेकिन अब इसमें खोया और कीमा जैसी चीजें भी इस्तेमाल होने लगी हैं. यानी पुरानी परंपरा आज भी कायम है, बस उसके स्वाद में वक्त के साथ कुछ नए रंग जुड़ गए हैं. अक्सा ने अपने वीडियो में मुल्तान की मशहूर फहीम रोटी वाले की दुकान की झलक भी दिखाई, जहां कई दशकों से इस तरह की रोटी बनाई जा रही है. दुकान और रोटी को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सिर्फ एक खाने की चीज नहीं, बल्कि मुल्तान की पुरानी खानपान की विरासत का हिस्सा है.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



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