International
oi-Siddharth Purohit
Australia:
आप
क्या
करेंगे
अगर
आपको
पता
चला
कि
आप
अपने
जिस
परिवार
के
साथ
समुद्र
में
घुमने
गए
हैं
वह
नाव
पलटने
के
कारण
कुछ
ही
पलों
में
डूबने
वाला
है।
संभवत:,
ईश्वर
से
मदद
लगाएंगे
या
फिर
हिम्मत
हार
जाएंगे।
लेकिन
13
साल
के
ऑस्टिन
ने
हिम्मत
न
हारते
हुए
ईश्वर
से
मदद
मांगने
के
साथ-साथ
खुद
जोखिम
उठाना
ठीक
समझा।
तेज
हवा
ने
बिगाड़ा
खेल
यह
घटना
ऑस्ट्रेलिया
के
पर्थ
से
करीब
200
किलोमीटर
दक्षिण
में
क्विंडलप
इलाके
में
हुई,
जहां
जोआन
अपने
बच्चों
के
साथ
छुट्टियां
मना
रही
थीं।
शुक्रवार
दोपहर
को
तेज़
हवाओं
ने
उनके
इन्फ्लेटेबल
पैडलबोर्ड
और
कयाक
को
जियोफ्रे
बे
से
समुद्र
के
अंदर
की
ओर
धकेल
दिया।

शुरुआत
में
सब
कुछ
सामान्य
था।
ऑस्टिन
(13),
ब्यू
(12)
और
ग्रेस
(8)
उथले
पानी
में
खेल
रहे
थे।
जोआन
ने
बताया,
“बच्चे
थोड़ा
दूर
चले
गए,
हवा
तेज़
हो
गई,
चप्पू
खो
गए
और
हम
बहते
चले
गए।
सब
कुछ
बहुत
जल्दी
गलत
हो
गया।”
देखते
ही
देखते
आंखों
से
ओझल
हो
गया
ऑस्टिन
समुद्र
में
फंसे
अपने
पूरे
परिवार
को
बचाने
के
लिए
13
साल
बेटे
ऑस्टिन
को
खतरनाक
पानी
में
भेजना,
मां
जोआन
एपेलबी
के
जीवन
का
सबसे
कठिन
फैसला
था।
उन्होंने
बताया
कि
यह
फैसला
उन्होंने
बहुत
सोच-समझकर
लिया,
लेकिन
हालात
ऐसे
थे
कि
कोई
और
रास्ता
नहीं
दिख
रहा
था।
जोआन
को
लगा
कि
वे
किनारे
से
ज्यादा
दूर
नहीं
हैं,
इसलिए
उन्होंने
ऑस्टिन
को
तैरकर
मदद
लाने
भेज
दिया।
लेकिन
जैसे-जैसे
ऑस्टिन
आगे
बढ़ता
गया,
जोआन
और
बाकी
बच्चे
समुद्र
में
और
दूर
बहते
चले
गए।
कुछ
ही
देर
में
ऑस्टिन
उनकी
नजरों
से
ओझल
हो
गया।
“मुझे
पता
था
वही
सबसे
मजबूत
है”-
मां
ABC
न्यूज
से
बात
करते
हुए
जोआन
ने
कहा,
“मैं
जानती
थी
कि
ऑस्टिन
सबसे
मजबूत
है
और
यह
कर
सकता
है।
मैं
बच्चों
को
अकेला
नहीं
छोड़
सकती
थी,
इसलिए
मुझे
उसे
भेजना
पड़ा।”
उस
वक्त
उनके
पास
समय
बहुत
कम
था
और
हालात
तेजी
से
बिगड़
रहे
थे।
धीरे-धीरे
सूरज
डूब
गया।
लहरें
और
बड़ी
होती
गईं
और
ठंड
बहुत
बढ़
गई।
लाइफ
जैकेट
पहनने
के
बावजूद
परिवार
को
पैडलबोर्ड
से
चिपके
रहना
मुश्किल
हो
रहा
था।
जोआन
को
उम्मीद
थी
कि
ऑस्टिन
जल्दी
किनारे
पहुंच
जाएगा।
“अगर
वह
नहीं
पहुंचा
तो?”
जैसे-जैसे
समय
बीतता
गया,
जोआन
को
अपने
फैसले
पर
शक
होने
लगा।
उन्होंने
खुद
से
पूछा,
“अगर
वह
किनारे
नहीं
पहुंचा
तो?
क्या
मैंने
गलत
फैसला
लिया?
क्या
कोई
मेरे
बाकी
दो
बच्चों
को
बचाने
आएगा?”
समुद्र
और
ठंड
दोनों
बढ़ते
जा
रहे
थे।
जोआन
छोटे
बच्चों
को
संभालने
के
लिए
संघर्ष
कर
रही
थीं।
उन्होंने
कबूल
किया,
“मैंने
मान
लिया
था
कि
ऑस्टिन
नहीं
पहुंचा
होगा।
हमें
कुछ
भी
आता
हुआ
नहीं
दिख
रहा
था।”
13
साल
का
ऑस्टिन,
4
KM
की
तैराकी,
2KM
दौड़
दूसरी
ओर,
13
साल
का
ऑस्टिन
बिना
रुके
तैरता
रहा।
उसने
करीब
4
किलोमीटर
की
दूरी
तय
की
और
आखिरकार
किनारे
तक
पहुंच
गया।
उसने
बताया,
“मैं
बस
मां,
ब्यू
और
ग्रेस
के
बारे
में
सोच
रहा
था।
जब
जमीन
पर
पहुंचा
तो
लगा
जैसे
सपना
देख
रहा
हूं।”
किनारे
पहुंचने
के
बाद
भी
ऑस्टिन
नहीं
रुका।
उसने
बताया,
“मुझे
फोन
तक
पहुंचने
के
लिए
2
किलोमीटर
और
दौड़ना
पड़ा।”
शाम
करीब
6
बजे
वह
अपनी
मां
के
बैग
तक
पहुंचा
और
आपातकालीन
सेवाओं
को
फोन
किया।
अस्पताल
से
किया
पिता
को
फोन
फोन
पर
ऑस्टिन
ने
शांत
होकर
कहा,
“मुझे
हेलीकॉप्टर,
हवाई
जहाज
और
नावें
चाहिए।
मेरा
परिवार
समुद्र
में
फंसा
है।”
बाद
में
उसने
कहा
कि
शायद
वह
सदमे
में
था।
कॉल
के
तुरंत
बाद
वह
थकान
से
बेहोश
हो
गया
और
उसे
अस्पताल
ले
जाया
गया।
अस्पताल
पहुंचने
के
बाद
ऑस्टिन
ने
अपने
पिता
को
फोन
किया।
उसे
इस
बात
का
यकीन
नहीं
था
कि
उसकी
मां
और
भाई-बहन
जिंदा
हैं
या
नहीं।
इसी
दौरान
बचाव
दल
समुद्र
में
खोजबीन
कर
रहा
था।
14
किलोमीटर
दूर
समुद्र
में
मिला
परिवार
रेस्क्यू
टीम
ने
परिवार
को
किनारे
से
करीब
14
किलोमीटर
(9
मील)
दूर
समुद्र
में
एक
पैडलबोर्ड
से
चिपके
हुए
पाया।
हालात
बेहद
खराब
थे
और
लहरें
लगातार
उन्हें
पलटने
की
कोशिश
कर
रही
थीं।
एक
लहर
ने
बच्चों
को
अलग
कर
दिया
उस
वक्त
जोआन
बच्चों
तक
पहुंचने
की
कोशिश
कर
रही
थीं,
तभी
एक
बड़ी
लहर
आई
और
बच्चे
बोर्ड
से
अलग
हो
गए।
उन्होंने
ग्रेस
की
चीख
सुनी,
लेकिन
ब्यू
की
आवाज़
नहीं
आ
रही
थी,
जब
तक
कि
नाव
का
इंजन
बंद
नहीं
हुआ
और
उसे
ढूंढ
नहीं
लिया
गया।
“यह
एक
डरावना
सपना
था”
जोआन
ने
बीबीसी
को
दिए
इंटरव्यू
में
कहा-
“यह
एक
बिल्कुल
डरावना
सपना
था।”
ऑस्टिन
द्वारा
पिता
को
फोन
करने
के
कुछ
ही
मिनटों
बाद
परिवार
के
सुरक्षित
मिलने
की
खबर
आई।
डॉक्टर
और
पुलिस
अधिकारी
यह
सुनकर
खुशी
से
झूम
उठे।
लेकिन,
जोआन
को
असली
राहत
तब
मिली
जब
उसी
एम्बुलेंस
कर्मी
ने,
जिसने
ऑस्टिन
को
बचाया
था,
यह
पुष्टि
की
कि
उसका
बेटा
भी
सुरक्षित
है।
पूरे
परिवार
को
मामूली
चोटों
के
लिए
अस्पताल
ले
जाया
गया।
बैसाखी
के
सहारे
स्कूल
जा
रहा
ऑस्टिन
जोआन
ने
कहा,
“उन
सबको
सुरक्षित,
खुश
और
बिना
किसी
गंभीर
चोट
के
देखना
सबसे
सही
अंत
था।”
हालांकि
ऑस्टिन
अभी
भी
उस
डरावने
अनुभव
से
उबर
रहा
है
और
उसके
पैरों
में
काफी
दर्द
है।
ऑस्टिन
अब
बैसाखी
के
सहारे
स्कूल
जा
रहा
है।
उसने
आपातकालीन
सेवाओं
की
तेज
प्रतिक्रिया
और
एम्बुलेंस
स्टाफ
की
तारीफ
की।
उसने
विनम्रता
से
कहा,
“मैंने
खुद
को
हीरो
नहीं
माना,
मैंने
बस
वही
किया
जो
करना
जरूरी
था।”
चार
साल
की
उम्र
से
तैराकी
आई
काम
में
ऑस्टिन
ने
बताया
कि
उसने
चार
साल
की
उम्र
में
तैराकी
शुरू
की
थी
और
बच्चों
के
लिए
जल
सुरक्षा
कार्यक्रम
VacSwim
भी
किया
था।
उसने
कहा
कि
पहले
350
मीटर
बिना
रुके
तैरना
उसे
“बहुत
थका
देने
वाला”
लगता
था।
इस
खबर
पर
आपकी
क्या
राय
है,
हमें
कमेंट
में
बताएं।

Weather In Delhi NCR: दिल्ली वालों के पड़ोस में मंडराया खतरा! आज से मौसम दिखाने वाला है अपना सबसे डरावना रूप

भारत के तूफानी क्रिकेटर ने तोड़ी धर्म की दीवार, मुस्लिम हसीना से निकाह कर चौंकाया, अब वर्ल्ड कप में मचाएगा गदर!

Aaj Ka Singh Rashifal: रिश्तों में मिठास बनी रहेगी, दिन शुभ, पढ़ें आज का सिंह राशिफल

Manoj Mukund Naravane Caste: किस जाति से हैं पूर्व सेना प्रमुख नरवणे? फैमिली,पढ़ाई और आर्मी करियर, हर जानकारी

CM Kisan Samman Nidhi Yojana: फरवरी 2026 में आएगी 14वीं किस्त, 80 लाख किसानों को 2000 मिलेंगे रुपये, जानिए

West Bengal Voter List Controversy: चुनाव आयोग के बाहर ममता बनर्जी का प्रदर्शन, 2 करोड़ का नाम हटाने का आरोप

UP News: 68000 सरकारी कर्मचारियों पर चला योगी का हंटर, एक गलती पर रोक दी तन्ख्वाह, जानें कारण

Silver Rate Control China: चीन के हाथ में चांदी की चाबी, क्यों-कैसे कर रहा कंट्रोल, फिर लौटेगी पुरानी चमक?

Pakistan पुलिस ने भूत पर ठोका मुकदमा, जांच में जुटी टीमें, नाबालिग बच्चों से जुड़ा है मामला

Love Story: देश के इस दिग्गज नेता को हुई थी पहली नजर में मोहब्बत, बीवी है गोल्डमेडलिस्ट, दिलकश है प्रेमकहानी

कौन हैं EX-आर्मी चीफ Manoj Mukund Naravane? जिनकी किताब का संसद में राहुल ने किया जिक्र, चीन पर क्या है इसमें

Chandrika Dixit Video Viral: पीठ पीछे पति Yash ने किए ऐसे कांड! फूट-फूटकर रोई Vada Pav Girl चंद्रिका

Uttar Pradesh Silver Rate Today: 3 फरवरी को चांदी UP में कितनी लुढ़की? Noida-Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव

Silver Price Crash: चांदी आ गई जमीन पर! 4 दिन में 2 लाख सस्ती, और कितना गिरेगी चांदी? अभी खरीदें या रुके

PM Kisan Yojana: करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर! बजट में पीएम किसान को लेकर हुआ फैसला, कब आएगी 22वीं किस्त?

























