जुर्माने की रसीद दिखाते हुए आदित्यImage Credit source: Instagram/@adityasinghchauhan01
इन दिनों सोशल मीडिया पर भारतीय रेलवे (Indian Railways) को लेकर एक नया विवाद गरमाया हुआ है. मामला कुछ ऐसा है कि लोग सवाल कर रहे हैं, क्या ट्रेन लेट होने की सजा भी आम पब्लिक भुगतेगी? दरअसल, महाराष्ट्र के कल्याण जंक्शन से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रेलवे के नियमों को लेकर इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है.
बिहार के रहने वाले आदित्य चौहान अपनी फैमिली को कल्याण स्टेशन छोड़ने आए थे. दोपहर 12 बजे की ट्रेन थी. पहले पता चला कि ट्रेन 2 घंटे लेट है, लेकिन देखते ही देखते पूरे 5 घंटे लेट हो गई. अब परिवार को अकेला छोड़ना मुमकिन नहीं था, इसलिए आदित्य स्टेशन पर ही रुक गए. तभी वहां एक टिकट कलेक्टर (TC) आया और उसने आदित्य से प्लेटफॉर्म टिकट मांगा. आदित्य ने टिकट दिखा दिया. लेकिन TC ने कहा, यह एक्सपायर हो चुका है, क्योंकि यह टिकट सिर्फ 2 घंटे के लिए वैलिड होता है. आपको दूसरा टिकट लेना चाहिए था. आखिर में TC ने नियमों का हवाला देते हुए आदित्य का 500 रुपए का चालान काट दिया.
गलती किसकी; रेलवे की या पैसेंजर की?
इस बात से भड़के आदित्य ने पूरी घटना का वीडियो और चालान की फोटो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @adityasinghchauhan01 पर शेयर कर दी, जो अब इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है. उन्होंने रेलवे से पूछा, क्या 500 रुपए मुफ्त में आते हैं? जब ट्रेन रेलवे की वजह से लेट हुई, तो जुर्माना मैं क्यों भरूं? जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, इंटरनेट पर रेलवे या पैसेंजर की गलती को लेकर बहस छिड़ गई. यह भी पढ़ें: बिना चेहरे वाला समंदर का ‘भूत’; मांस का वो तैरता ‘लोथड़ा’, जिसने वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए!
वैसे कानूनी तौर पर देखा जाए, तो TC अपनी जगह पर बिल्कुल सही है. रेलवे के नियमों के मुताबिक, प्लेटफॉर्म टिकट सिर्फ 2 घंटे के लिए ही वैलिड है. इसके बाद या तो आप नया टिकट खरीदें या प्लेटफॉर्म छोड़ दें. TC सिर्फ अपनी ड्यूटी कर रहा था. यह भी पढ़ें: 2.2 लाख रुपए सैलरी, पर सेविंग जीरो! मुंबई के इस कपल का बजट देखकर पकड़ लेंगे सिर
इंटरनेट पर जनता का फूटा गुस्सा
वहीं, सोशल मीडिया यूजर्स नैतिकता के हिसाब से पैसेंजर को सही ठहरा रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब ट्रेन रेलवे की लापरवाही के कारण 5 घंटे लेट हुई, तो कोई भी शख्स अपने परिवार को स्टेशन पर अकेला छोड़कर बाहर कैसे जा सकता है? भड़के लोगों का कहना है कि यह गलती रेलवे की है, तो उसका हर्जाना जनता क्यों दे? लोग पूछ रहे हैं कि अगर प्लेटफॉर्म टिकट एक्सपायर होने पर रेलवे तुरंत फाइन वसूल सकता है, तो ट्रेन घंटों लेट होने पर यात्रियों को हर्जाना का रिफंड उतनी ही फुर्ती से क्यों नहीं मिला? नेटिजन्स मांग कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में रेलवे को अपने नियमों में तुरंत बदलाव करना चाहिए. वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें. यह भी पढ़ें:इंटरनेट पर असलम भाई का भौकाल! टूटी-फूटी नहीं, एकदम फर्राटेदार स्पैनिश बोलता है ये रिक्शावाला
प्लेटफॉर्म टिकट = 10 रूपये का
टिकट एक्सपायर होता है =2 घंटे बाद
ट्रैन लेट हुई = 5 घण्टे
जुर्माना लगा =500 रूपये काये है भारतीय रेलवे… ट्रैन लेट होने पर रिफंड नहीं देंगे.. लेकिन जुर्माना पूरा वसूलेंगे
मोदी राज मे जुर्माने की करने भी देशहित मे योगदान ही समझो.. pic.twitter.com/p06vHYx9QW
— बघीरा 😺 (@LegalAdvisour) June 11, 2026
