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‘सिविक सेंस का जनाजा निकल गया…’ Mumbai Metro के ‘टचलेस थूकदान’ को लेकर क्यों मचा है बवाल?

मुंबई मेट्रो के ‘थूकने वाले डिब्बे’ पर छिड़ी बहसImage Credit source: X/@zoru75

सोशल मीडिया पर मुंबई मेट्रो (Mumbai Metro) की एक तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर में मेट्रो स्टेशन पर लगा एक ‘थूकदान’ (Spit Bin) दिख रहा है, जिस पर बहस छिड़ गई है. लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि जब मेट्रो में थूकना मना है और 500 रुपए का जुर्माना लगता है, फिर थूकदान क्यों लगाया गया है?

वायरल तस्वीर और ईजीस्पिट की सच्चाई क्या है?

यह तस्वीर ज़ोरू भाथेना नाम के एक एक्टिविस्ट ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की थी. इसके बाद लोगों के खूब रिएक्शन आने लगे. बताया जा रहा है कि यह खास थूकदान ‘ईजीस्पिट’ (Ezyspit) कंपनी ने बनाया है. यह बिना हाथ लगाए खुलता है और 10 सेकंड में वायरस मारने का दावा करता है. डिब्बे पर मुंबई मेट्रो का लोगो और ‘जिम्मेदार बनें’ लिखा है, जिसको लेकर लोग गुस्सा जता रहे हैं.

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

इस थूकदान की तस्वीर सामने आते ही नेटिजन्स खासकर मुंबईकर्स नाराज हो गए. लोगों का कहना है कि एक तरफ मेट्रो थूकने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाती है, तो दूसरी तरफ थूकदान लगाकर थूकने की गंदी आदत को बढ़ावा दे रही है.

एक यूजर ने लिखा कि ऐसी चीजें सफाई नहीं, गंदगी को बढ़ावा देती हैं. दूसरे ने कहा, सिविक सेंस का जनाजा निकल गया. कई लोगों ने कहा कि स्टेशनों पर हैंड ड्रायर जैसी जरूरी चीजें नहीं हैं, लेकिन थूकदान लगाया जा रहा है. लोगों का कहना है कि प्रशासन को गंदी आदतों को बढ़ावा नहीं, बल्कि सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. जब थूकने पर जुर्माना है, तो ऐसे डिब्बे लगाने से लोग कन्फ्यूज हो रहे हैं.

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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