पति के विरोध के बाद रची गई हत्या की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, बलीराम अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ऐरोली के यादव नगर में रहते थे। इसी दौरान सुनीता के घणसोली निवासी ऑटो चालक राहुल प्रजापति से प्रेम संबंध बन गए। जब बलीराम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत पहले दोनों बच्चों को दो दिन के लिए रिश्तेदार के घर भेजा गया और फिर 9 अगस्त 2025 की रात घर में सो रहे बलीराम की गला दबाकर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव के तीन टुकड़े किए गए। पुलिस के मुताबिक, शव के हिस्सों को अलग-अलग बोरियों और चादर में लपेटकर राहुल के ऑटो रिक्शा से गवली देव पहाड़ी के जंगल में ले जाया गया और अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके।

























