टैक्सी एप कर रहे हैं स्कैम Image Credit source: Getty Images
दिल्ली में कैब बुकिंग करने वालों के लिए एक चौंकाने वाला किस्सा सामने आया है, जिसने रेंटल सर्विस की पूरी पोल खोल दी है. महिपालपुर से यशोभूमि (Yashobhoomi) के लिए बुक की गई एक रेंटल कैब का बिल इतना ज्यादा आया कि यात्री खुद हैरान रह गए जो रकम पहले 1,285 रुपये बताई गई थी, वही आखिर में 5,662 रुपये पर जाकर रुकी. अगर आप नॉर्मल कैलकुलेशन देखें तो ये तय रकम से करीब साढ़े चार गुना ज्यादा. सबसे हैरानी की बात यह रही कि 6 घंटे और 60 किलोमीटर की बुकिंग में अचानक 240 किलोमीटर का एक्स्ट्रा चार्ज जुड़ गया, वो भी तब जब यात्री कैब में मौजूद ही नहीं थे. ये पूरा मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने कैब रेंटल सर्विसेज में चल रहे छिपे हुए खेल पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
यह पूरा किस्सा r/NewDelhi नाम के Reddit फोरम पर एक यूजर ने शेयर किया. उसके मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे महिपालपुर के एक होटल से उन्होंने 6 घंटे और 60 किलोमीटर का रेंटल पैकेज बुक किया था. बुकिंग के वक्त ऐप पर बेस फेयर सिर्फ 1,285 रुपये दिखा रहा था, तो जाहिर है भरोसा भी था कि बिल इसी के आसपास आएगा.
क्या है यह ‘जॉयराइड स्कैम’?
कैब ने उन्हें महिपालपुर से उठाया और यशोभूमि एग्जिबिशन सेंटर तक छोड़ दिया. यहां यात्रियों को एक एग्जिबिशन अटेंड करनी थी, तो वे दोपहर करीब पौने चार बजे तक वहीं रुके रहे. इसके बाद वे सीधे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए निकले. लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही जब ओला ऐप में फाइनल बिल दिखा, तो पैरों तले जमीन खिसक गई 5,662 रुपये! इस बिल में 240.5 किलोमीटर की एक्स्ट्रा दूरी का भारी-भरकम चार्ज भी शामिल था, जबकि इतने घंटों तक तो यात्री खुद एग्जिबिशन में थे, कैब में नहीं.
परेशान यात्रियों ने फौरन ओला कस्टमर केयर से बात करने की कोशिश की, लेकिन वीकेंड होने की वजह से कोई इंसान बात करने के लिए उपलब्ध ही नहीं था. जब कहीं से मदद नहीं मिली, तो उन्होंने ड्राइवर और कैब नंबर (HR47G2532) की जानकारी के साथ इंटरनेट पर पोस्ट डालकर लोगों से सलाह मांगी.
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सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के नीचे कई लोगों और कैब सर्विस को समझने वालों ने इसे रेंटल कैब्स में होने वाला एक जाना-पहचाना स्कैम बताया. दरअसल होता यह है कि जब पैसेंजर रेंटल कैब बुक करके किसी इवेंट, मीटिंग या फंक्शन में घंटों के लिए बिजी हो जाते हैं, तो कुछ ड्राइवर गाड़ी को पार्किंग में खड़ी छोड़ने की बजाय शहर में इधर-उधर घूमने निकल पड़ते हैं. चूंकि रेंटल बुकिंग का टाइमर पूरे समय चालू रहता है, इसलिए ड्राइवर ने जितने भी किलोमीटर अलग से चलाए, वो सारे सीधे कस्टमर के बिल में जुड़ जाते हैं बिना उन्हें बताए, बिना उनकी इजाजत के.
यहां देखिए पोस्ट
Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.



















