Viral: विदेशी शख्स ने भारत आकर किया कमाल, खुलवा दिया 20 साल पुराना रास्ता, लोग कर रहे तारीफ

विदेशी शख्स की वजह से खुला 20 साल से बंद रास्ताImage Credit source: Instagram/arunpai.theblrwalksguy

बेंगलुरु में एक विदेशी शख्स की जमकर तारीफ हो रही है, क्योंकि उसने एक ऐसा रास्ता खुलवा दिया है, जो पिछले 20 सालों से बंद था. ये शख्स कनाडा का रहने वाला है, जिसका नाम कैलेब फ्राइसन है. सोशल मीडिया पर उसके द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो की वजह से बेंगलुरु में डोम्लुर और इंदिरानगर को जोड़ने वाले एक लंबे समय से वीरान पैदल मार्ग की आखिरकार मरम्मत करके उसे फिर से खोल दिया गया है. फ्राइसन ने अपने वीडियो में इस रास्ते की गंदी हालत को उजागर किया था, जिसके बाद उस रास्ते पर अधिकारियों की नजर पड़ी और उसे एक हफ्ते के अंदर ही बना दिया गया.

अब बैंगलोर वॉक्स के संस्थापक अरुण पई ने एक नया वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है, जिसमें पैदल मार्ग के मरम्मत का काम दिखाया गया है, जो अब पैदल यात्रियों के लिए खुल गया है. उन्होंने अपने वीडियो में कहा है, ‘हम डोम्लुर से इंदिरानगर तक पैदल चलने वाले हैं, जो पिछले 20 सालों से संभव नहीं था. इस सड़क को पार करना बेहद खतरनाक था. लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर यातायात का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सारी समस्याएं हल हो गई हैं’.

वीडियो के मुताबिक, इतनी जल्दी रास्ते की मरम्मत और उसे खोलने का काम बीबीएमपी अधिकारियों, जिनमें जोनल कमिश्नर (पूर्व) स्नेहल आर, नागरिक स्वयंसेवकों और स्थानीय ग्रुप्स के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ है. जोनल कमिश्नर ने स्थानीय निवासियों और अरुण पई के साथ रास्ते पर चलते हुए कहा, ‘हमने जितनी भी बाधाएं हटाई हैं, मुझे लगता है कि यह चलने के लिए बहुत आसान रास्ता है’.

यहां देखें वीडियो

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कैलेब फ्राइसन ने कमेंट सेक्शन में लिखा है, ‘क्या बात है. यह तो कमाल है! उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने अपना समय और ऊर्जा सफाई, पेंटिंग और सीमेंट बिछाने में लगाई. मैं बेहद उत्साहित हूं. इसने मेरा साल बना दिया और मुझे उम्मीद दी कि बेंगलुरु और भारत में इस तरह के और भी सुधार हो सकते हैं, जब नागरिक एकजुट होकर दुनिया में वह बदलाव लाएंगे जो वो देखना चाहते हैं’.

इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं. एक यूजर ने लिखा है, ‘वाह, एक बहुत बड़ी समस्या हल हो गई जो मुझे अक्सर परेशान करती थी. शुक्रिया’, तो एक अन्य यूजर ने लिखा है, ‘इस जिम्मेदारी को अपने ऊपर लेने वाले नागरिकों को बहुत-बहुत बधाई. बहुत बढ़िया! शानदार पहल और इसका पूरा श्रेय उन लोगों को जाता है जिन्होंने इसे संभव बनाया’.

हालांकि कुछ यूजर्स ने इस मामले पर आलोचनात्मक कमेंट्स भी किए हैं. एक यूजर ने लिखा है, ‘तो क्या आपको यह दिखाने के लिए किसी बाहरी व्यक्ति की जरूरत है कि भारत कितना बुरा है? जब रोजाना इस्तेमाल करने वाले नागरिक शिकायत करते हैं, तो कुछ नहीं होता. सोचिए, भारतीयों की आवाज को कितनी कम अहमियत दी जाती है’.



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