डोसा-पोंगल वही, बिल दोगुने के करीब! स्विगी पर पहुंचते ही खाने ने पकड़ ली प्रीमियम रफ्तार

ऑनलाइन खाना मंगवाना पड़ सकता है भारी Image Credit source: X/@idlebrainjeevi

हैदराबाद के एक शख्स ने रेस्टोरेंट के बिल और स्विगी के ऑर्डर की तुलना करके सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है. मामला है ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज का. जो खाना रेस्टोरेंट में सिर्फ 230 रुपये का पड़ा, वही स्विगी पर बिना किसी डिस्काउंट या कूपन के 436 रुपये का दिखाया गया.

यह पूरा मामला ट्विटर (X) पर यूजर @idlebrainjeevi ने शेयर किया. उन्होंने हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित पंचकट्टू डोसा नाम के रेस्टोरेंट का मेन्यू और बिल दोनों पोस्ट किए. रेस्टोरेंट के बिल के मुताबिक, नेय्यी करम अनियन डोसा की कीमत 104 रुपये थी, नेय्यी पोंगल 85 रुपये का और फिल्टर कॉफी सिर्फ 28 रुपये की.

रेस्टोरेंट में डोसा सस्ता, स्विगी पर महंगा!

इन सबको जोड़ें तो टोटल बनता है 219.04 रुपये, और जीएसटी लगने के बाद फाइनल बिल पहुंचा 230 रुपये पर, लेकिन स्विगी पर यही ऑर्डर देखने में बिल्कुल अलग नजर आया. वहां अनियन डोसा की कीमत बढ़कर 149 रुपये हो गई, पोंगल 115 रुपये का दिखा और स्पेशल फिल्टर कॉफी तो सीधे 120 रुपये की हो गई. यानी कोई भी कूपन या डिस्काउंट लगाने से पहले ही कुल बिल पहुंच गया 436 रुपये तक.

रेस्टोरेंट और ऐप की कीमत में 206 रुपये का यह फर्क देखते ही लोगों के बीच बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों का कहना था कि इतना ज्यादा एक्स्ट्रा पैसा देकर ऑनलाइन खाना मंगवाना अब समझ नहीं आता. वहीं कुछ और लोगों ने इसे सही ठहराते हुए कहा कि डिलीवरी ऐप्स की सुविधा और सर्विस के बदले तो पैसे लगेंगे ही.

एक यूजर ने लिखा, रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाने और वहां तक आने-जाने का खर्च मिलाकर भी ऑनलाइन ऑर्डर से सस्ता पड़ता है. अच्छे रेस्टोरेंट के पास रहने वाले लोगों के लिए तो सीधे वहीं जाकर खाना ज्यादा समझदारी वाला फैसला है.

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वहीं दूसरी तरफ एक और यूजर ने डिलीवरी ऐप्स का पक्ष लेते हुए कहा, अगर दोनों जगह कीमत एक जैसी रहेगी तो डिलीवरी कंपनियां और डिलीवरी बॉय पैसे कैसे कमाएंगे? यह मुमकिन ही नहीं है. इसीलिए ऑनलाइन और ऑफलाइन प्राइस में इतना फर्क होता है. कुछ लोगों ने यह भी बताया कि इस तुलना में डिस्काउंट, आने-जाने का खर्चा और घर बैठे मिलने वाले समय की बचत को शामिल ही नहीं किया गया, जो कि पूरी तस्वीर को थोड़ा अधूरा बना देता है.

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आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



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