पुलिस के अनुसार, 78 वर्षीय पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना चार अगस्त को तब शुरू हुई जब उन्हें एक व्यक्ति का फ़ोन आया जिसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। फ़ोन करने वाले ने उस पर मादक पदार्थ तस्करी के एक गिरोह से जुड़े होने का आरोप लगाया। इसके बाद, जालसाजों ने ईडी और सीबीआई अधिकारी बनकर उनसे संपर्क भी किया।
अधिकारी ने कहा, ‘‘डर के मारे पीड़ित ने उनके निर्देशों का पालन किया और अपने बैंक खातों से बताए गए खातों में पैसे भेजता रहा। आरोपियों ने बुजुर्ग को धमकी भी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।’’ पीड़ित को 4 सितंबर तक परेशान किया गया और उसके बाद जालसाज़ों ने बुजुर्ग से संपर्क करना बंद कर दिया।
