नौकरी ही कमाई का एकमात्र रास्ता नहीं! कपड़े प्रेस करके हर महीने 1.80 लाख कमाता है ये शख्स, इनकम ने लोगों को सोचने पर किया मजबूर

हर महीने 80 से 90 हजार की बचत?Image Credit source: Instagram/two_generations_one_vlog

अक्सर लोग किसी की कमाई का अंदाजा उसके काम को देखकर लगाने लगते हैं. अगर कोई ऑफिस में बैठकर कॉर्पोरेट जॉब करता है, तो उसे अच्छी सैलरी वाला माना जाता है. वहीं, सड़क किनारे या ठेले पर काम करने वाले लोगों की कमाई को कई बार कम समझ लिया जाता है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसमें अरुण नाम का एक शख्स कपड़े प्रेस करके हर महीने इतनी कमाई करने का दावा करता है, जिसके बारे में जानकर अच्छी-खासी सैलरी पाने वाले लोग भी हैरान हो सकते हैं.

सोशल मीडिया अकाउंट Two_generations_one_vlog पर शेयर किए गए इस वीडियो में अरुण अपने काम, रोज की कमाई और महीने के खर्चों के बारे में बताते नजर आते हैं. उनकी कहानी बताती है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता. अगर मेहनत और लगन से काम किया जाए, तो उससे अच्छी कमाई करने के साथ दूसरों को रोजगार भी दिया जा सकता है.

खुद कमाने के साथ दूसरों को भी दिया रोजगार

वीडियो में अरुण बताते हैं कि वह एक दिन में करीब 500 कपड़े प्रेस करते हैं. इसके लिए वह हर कपड़े के 8 रुपये लेते हैं. इस हिसाब से उनकी रोज की कमाई 4,000 रुपये तक पहुंच जाती है. यानी सिर्फ कपड़े प्रेस करने के काम से वह हर दिन अच्छी रकम कमा लेते हैं.

अरुण के मुताबिक, उनकी महीने की कुल कमाई करीब 1 लाख 80 हजार रुपये है. हालांकि, यह पूरी रकम उनकी बचत नहीं है. काम से जुड़े खर्च निकालने के बाद उनके पास हर महीने लगभग 80 से 90 हजार रुपये बच जाते हैं. इतनी बचत का आंकड़ा सुनकर कई लोगों को यकीन करना मुश्किल हो सकता है, खासकर उन लोगों को जो मानते हैं कि अच्छी कमाई के लिए बड़ी डिग्री या ऑफिस की नौकरी जरूरी है.

अरुण यह भी साफ करते हैं कि इस काम में कमाई जरूर है, लेकिन मेहनत भी कम नहीं लगती. वह बताते हैं कि करीब 5 किलो की भारी प्रेस से लगातार कपड़े प्रेस करना आसान नहीं है. इसके लिए शारीरिक मेहनत के साथ समय और काम को संभालने की क्षमता भी चाहिए. उनका मानना है कि अगर कोई व्यक्ति इस काम को सीखना चाहे, तो वह इसे अपना रोजगार बना सकता है. यानी हर किसी के लिए नौकरी ही कमाई का एकमात्र रास्ता नहीं है. हुनर सीखकर और लगातार मेहनत करके अपना काम भी शुरू किया जा सकता है.

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अरुण की कहानी की एक और खास बात यह है कि वह अकेले काम नहीं करते. उनके साथ दो अन्य लोग भी काम करते हैं, जिन्हें वह हर महीने 20-20 हजार रुपये सैलरी देते हैं. इस तरह उनका काम सिर्फ उनकी अपनी कमाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

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