जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की। इसी दौरान व्हॉट्सऐप चैट में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे पुलिस को उसकी कहानी पर संदेह हुआ। पुलिस का दावा है कि चैट में जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर मैसेज भेजे थे और जिस व्यक्ति ने उनका जवाब दिया था, दोनों के लिखने के तरीके और शब्दों में काफी समानता थी। इससे पुलिस को शक हुआ कि चैट किसी दूसरे व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद आरोपी ने तैयार की हो सकती है।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी से उन जगहों के बारे में पूछताछ की, जहां उसके दावे के मुताबिक उसकी मुलाकात कुछ अज्ञात लोगों से हुई थी। पुलिस टीम ने इन जगहों पर जाकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी जांच की, लेकिन आरोपी के उन लोगों से मुलाकात का कोई सबूत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को उसकी कहानी में कई विरोधाभास नजर आए।
पुलिस ने आरोपी से दोबारा विस्तार से पूछताछ की। इसी पूछताछ में आसिफ ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने सलमान खान को डराने और उनसे पैसे ऐंठने के इरादे से यह पूरी कहानी तैयार की थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का इस्तेमाल करते हुए फर्जी पहचान बनाई और अलग-अलग नंबरों के जरिए फर्जी व्हॉट्सऐप चैट तैयार की, ताकि पूरी कहानी असली लगे।
