बिहार के सासाराम में जमकर बवाल हुआ है। यहां एक मजदूर की हत्या के बाद आरोपी हत्यारा शव लेकर फरार हो गया। इधर भीड़ ने आरोपी का घर जला दिया। घटना के बाद तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है।
बिहार में रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र अंतर्गत भुई पंचायत के योगिया गांव में बुधवार सुबह एक मजदूर को गोली मारने की सनसनीखेज घटना सामने आई। मजदूर की हत्या के बाद यहां जमकर बवाल हुआ है। गांव के ही दबंग अजीत तिवारी पर आरोप है कि उसने करीब 55 वर्षीय मजदूर चंद्रेश्वर चौधरी को सड़क से खींचकर अपने घर के अंदर ले गया और गोली मार दी। घटना के बाद आरोपित कथित रूप से शव को अपनी गाड़ी में लेकर फरार हो गया। आरोपी को यूपी के गाजीपुर से पकड़ा गया है। बताया जाता है कि चंद्रेश्वर चौधरी पड़ोसी गांव मिल्की मनिहारी से मजदूरी करने योगिया गांव आया था।
वह कई वर्षों से अजीत तिवारी के खेत और घर में बनिहार के रूप में काम करता था। उसका पुत्र भी अजीत तिवारी के घर काम करता था। हाल के दिनों में चंद्रेश्वर ने अजीत का काम छोड़कर उसके गोतिया के ही दूसरे व्यक्ति के यहां काम करना शुरू कर दिया था। इसी बात को लेकर अजीत तिवारी नाराज चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शी राज कुमार चौहान और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार को चंद्रेश्वर चौधरी काम करने के लिए योगिया गांव जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मुलाकात अजीत तिवारी से हो गई।
आरोप है कि अजीत ने उसके गले में गमछा डाल दिया और उसे खींचते हुए अपने गेट के अंदर ले गया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद अजीत तिवारी अपनी स्कॉर्पियो में चंद्रेश्वर चौधरी को लेकर फरार हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, फायरिंग के दौरान एक गोली अजीत तिवारी के पालतू कुत्ते के पैर में भी लगी, जबकि दूसरी गोली चंद्रेश्वर चौधरी को लगी। बुधवार को योगिया गांव स्थित आरोपित के घर में तोड़फोड़ करते आक्रोशित ग्रामीण।
एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए
घटना की सूचना पर दिनारा थाना पुलिस के अलावा बिक्रमगंज एसडीपीओ, एसडीएम, बीडीओ, सीओ तथा नटवार, भानस, सूर्यपुरा, बिक्रमगंज, दावथ, संझौली और कोचस समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के विरोध के कारण कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने उपद्रव कर रहे लोगों को खदेड़ा। पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार भी घटनास्थल पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए, जबकि अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
आरोपी की तलाश, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मजदूर चंदेश्वर चौधरी की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। घटनास्थल पर मृतक की पत्नी बिमला देवी तथा पुत्र दीपक चौधरी और पृथ्वी चौधरी मौजूद रहे। घटना के बाद पूरे योगिया गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पुलिस बल तैनात
मजदूर चंद्रेश्वर चौधरी के घर में मातम पसरा है। पत्नी विमला देवी, पुत्र दीपक और पृथ्वी चौधरी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक चंद्रेश्वर चौधरी के मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
बवाल के बाद गांव में सन्नाटा, पुलिस कर रही छापेमारी
घटना के बाद योगिया गांव में जमकर बवाल हुआ। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर, हार्वेस्टर, ट्रैक्टर, कार और अनाज के गोदाम में आग लगा दी। इससे लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान की बात सामने आई है। गुरुवार सुबह स्थिति नियंत्रण में रही, लेकिन गांव में तनाव बना हुआ है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। चंद्रेश्वर चौधरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया।
एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने खेत, नहर, सड़क समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। शाम को आरोपी की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से होने की सूचना मिली। एसपी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और दरवाजे से खून के नमूने समेत अन्य साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेज दिए हैं।

























