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oi-Siddharth Purohit
Defence News: भारत की एक डिफेंस कंपनी ने घोषणा की, कि उसने एक नया पेटेंटेड फिक्स्ड-विंग टैक्टिकल ड्रोन विकसित किया है। यह मानवरहित प्रणाली (Unmanned System) सटीक हमले (Precision Strike) और निगरानी (Surveillance) दोनों को एक साथ करने में सक्षम है। कंपनी का कहना है कि यह नया ड्रोन भारत की स्वदेशी डिफेंस कैपेसिटी को मजबूत करेगा और आधुनिक युद्ध की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया गया है।
IG Defense को मिला पेटेंट
IG Defence को अपने ‘फिक्स्ड-विंग टैक्टिकल अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS)’ के लिए आधिकारिक पेटेंट मिल गया है। कंपनी के मुताबिक, इस ड्रोन को खासतौर पर आधुनिक युद्धक्षेत्र की ‘बदलती मांगों’ को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। आज के समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में ऑपरेशनल तैयारी (Operational Readiness) पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।

आधुनिक युद्ध में टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका
कंपनी ने बताया कि अब सैन्य ऑपरेशन पहले से ज्यादा कठिन और तेज हो चुके हैं। ये ऑपरेशन पूरी तरह टेक्नोलॉजी से प्रेरित हैं। खतरे अब सिर्फ पारंपरिक युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। इनके लिए तेज प्रतिक्रिया, बेहतर स्थितिजन्य जागरूकता (Situational Awareness) और मानवरहित प्रणालियों के समझदारी भरे उपयोग की जरूरत होती है।
टारगेट्स की पहचान से लेकर सटीक हमले तक
IG Defence का यह नया ड्रोन इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम सेना को लक्ष्यों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और फिर उच्च सटीकता के साथ उन पर हमला करने की सुविधा देती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे जमीनी सैनिकों के लिए जोखिम काफी कम हो जाता है।
हाई-प्रेशर माहौल में भी बजाएगा दुश्मन का बाजा
कंपनी का कहना है कि चुनौतीपूर्ण और हाई-प्रेशर माहौल में तेजी से खुफिया जानकारी जुटाने और तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता बेहद अहम होती है। यह ड्रोन ऐसी ही परिस्थितियों में हीरो साबित हो सकता है। इसकी फिक्स्ड-विंग आर्किटेक्चर इसे लंबी दूरी तय करने, ज्यादा समय तक उड़ान भरने (High Endurance) और लंबे मिशनों में स्थिर प्रदर्शन देने में सक्षम बनाती है।
5 किलोग्राम वारहेड ले जाने में सक्षम
यह ड्रोन 5 किलोग्राम तक का वारहेड पेलोड ले जा सकता है। इसे मिशन की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग गोला-बारूद या उपकरणों के साथ कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। कंपनी के बयान के अनुसार, यही लचीलापन इसे कई तरह की भूमिकाओं के लिए उपयुक्त बनाता है। साथ ही अगर खाने-पीने के सामान, मेडीकल एड या एक्स्ट्रा गोलियों की तत्काल जरूरत पड़ती है, तो ऐसे में यह ड्रोन वरदान साबित होगा।
इंटेलिजेंस से लेकर सटीक हमले तक
यह प्लेटफॉर्म खुफिया जानकारी जुटाने (Intelligence), निगरानी (Surveillance), टोही (Reconnaissance) से लेकर सटीक हमले (Precision Strike) और अन्य रणनीतिक कार्यों तक कई तरह के ऑपरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी यह एक मल्टी-रोल ड्रोन सिस्टम है, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर कई क्षमताएं देता है।
हल्का डिजाइन, आसान तैनाती
इस ड्रोन का डिजाइन हल्का रखा गया है, जिससे इसे कठिन भूभाग (Difficult Terrain) और समय-संवेदनशील परिस्थितियों में भी आसानी से ले जाया और तैनात किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि इसका लॉजिस्टिकल फुटप्रिंट न्यूनतम है, यानी इसे ऑपरेट करने के लिए ज्यादा संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ेगी।
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और कदम
कंपनी ने जोर देकर कहा कि यह पेटेंटेड प्लेटफॉर्म सटीक हमला, निगरानी और टर्मिनल जुड़ाव जैसी क्षमताओं को एक ही मानवरहित प्रणाली में समेटता है। इससे भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताएं और मजबूत होंगी।
IG Defence के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बोधिसत्व संघप्रिया ने इस मौके पर कहा, ‘यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ में योगदान देने और ऐसी रक्षा क्षमताएं विकसित करने का हमारा तरीका है, जिन पर भारत वास्तव में भरोसा कर सके।’ यह नया टैक्टिकल ड्रोन दिखाता है कि भारत अब सिर्फ डिफेंस इक्विपमेंट्स का इम्पोर्टर्स नहीं, बल्कि एडवांस मिलिट्री टेक्नोलॉजी का निर्माता भी बन रहा है।
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English summary
Defence News: New Patented Tactical UAS by IG Defence Enhances India’s Modern Warfare Capabilities