International
oi-Sumit Jha
Italy
Strike
Palestine
Support:
इटली
की
प्रधानमंत्री
जॉर्जिया
मेलोनी
की
सरकार
को
फिलिस्तीन
के
समर्थन
में
देशव्यापी
विरोध
का
सामना
करना
पड़
रहा
है।
देश
के
सबसे
बड़े
श्रमिक
संघ
CGIL
द्वारा
बुलाई
गई
एक
सामान्य
हड़ताल
में
शुक्रवार
को
100
से
अधिक
शहरों
में
2
मिलियन
से
अधिक
लोग
सड़कों
पर
उतर
आए।
मिलान
में
लगभग
1
लाख
प्रदर्शनकारी
हाईवे
जाम
करते
हुए
पुलिस
से
भिड़
गए,
जहां
पुलिस
को
स्मोक
बम
का
उपयोग
करना
पड़ा।
यह
विरोध
‘ग्लोबल
सुमुद
फ्लोटिला’
के
इंटरसेप्शन
और
कार्यकर्ताओं
की
गिरफ्तारी
के
जवाब
में
था,
जो
गाजा
के
लिए
मानवीय
सहायता
की
मांग
कर
रहा
था।
इस
व्यापक
विरोध
ने
मेलोनी
सरकार
पर
अपनी
विदेश
नीति
पर
पुनर्विचार
करने
का
गंभीर
दबाव
डाल
दिया
है,
जिससे
नागरिक
जीवन
अस्त-व्यस्त
हो
गया
है
और
राजनीतिक
तनाव
चरम
पर
पहुंच
गया
है।

सड़कों
पर
प्रदर्शनकारियों
की
दिखी
आराजकता
यह
विरोध
केवल
सड़कों
तक
ही
सीमित
नहीं
रहा,
इसने
इटली
के
बुनियादी
ढांचे
को
भी
बाधित
किया।
प्रदर्शनकारियों
ने
लिवोर्नो
और
सालर्नो
के
महत्वपूर्ण
बंदरगाहों
को
अवरुद्ध
कर
दिया।
रोम
के
मुख्य
टर्मिनी
स्टेशन
पर
भी
मार्च
के
कारण
ट्रेन
सेवाओं
में
80
मिनट
तक
की
देरी
हुई
और
कुछ
रूट्स
पर
ट्रेनें
रद्द
करनी
पड़ीं।
जेनोआ,
ब्रेसिया
और
विचेंजा
में
भी
हजारों
लोगों
ने
मार्च
किया।
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कर
सकते
हैं
प्रदर्शनकारियों
की
क्या
है
मांग?
ट्रेड
यूनियनों
और
प्रदर्शनकारियों
की
मुख्य
मांगें
हैं:
तत्काल
युद्धविराम,
शांति
और
फिलिस्तीनी
राज्य
को
मान्यता
देना।
यह
व्यापक
अशांति
मेलोनी
सरकार
पर
अपनी
विवादास्पद
विदेश
नीति
पर
पुनर्विचार
करने
के
लिए
तीव्र
दबाव
डाल
रही
है,
जो
इस
अंतर्राष्ट्रीय
मुद्दे
पर
तटस्थता
बनाए
रखने
की
कोशिश
कर
रही
है।
विपक्ष
सरकार
से
पूछा
सवाल
हड़ताल
पर
सरकार
और
विपक्ष
के
बीच
तीखी
प्रतिक्रियाएँ
आईं।
CGIL
के
नेता
मौरिज़ियो
लैंडिनी
ने
हड़ताल
को
पूरी
तरह
वैध
बताया
और
अधिकारियों
के
खिलाफ
अपील
करने
की
बात
कही।
डेमोक्रेटिक
पार्टी
और
बारी
के
मेयर
जैसे
विपक्षी
नेताओं
ने
हड़ताल
के
अधिकार
की
रक्षा
करने
और
फिलिस्तीनी
राज्य
की
मान्यता
देने
का
आह्वान
किया।
उप-प्रधान
ने
हड़ताल
को
अवैध
करार
दिया
इसके
विपरीत,
उप-प्रधान
मंत्री
माटेओ
साल्विनी
ने
इस
हड़ताल
को
अवैध
करार
दिया
और
प्रदर्शनकारियों
के
लिए
कड़ी
सजा
की
मांग
की।
रक्षा
मंत्री
गुइडो
क्रोसैट्टो
ने
भी
रेलवे
और
बंदरगाह
ब्लॉक
करने
के
विरोध
के
तरीकों
की
आलोचना
करते
हुए
चेतावनी
दी
कि
इससे
फिलिस्तीनियों
को
कोई
राहत
नहीं
मिलेगी।
सरकार
और
प्रदर्शनकारियों
के
बीच
यह
टकराव
इटली
की
राजनीति
में
गहरा
ध्रुवीकरण
दिखाता
है।
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English summary
Millions protested in Italy in support of Palestine, challenging the Meloni government. Know why nationwide protests and strikes have rattled the government and what impact it is having