अजनबी ने खरीदा सिर्फ एक फल, मगर लौटाई एक बच्ची की मुस्कान…इमोशनल कर देगा ये वीडियो

इमोशनल कर देगी आपको ये कहानी Image Credit source: Instagram/hindustan

एक छोटी बच्ची, अपने नन्हे से फल के ठेले पर बैठी हुई, पूरे दिन का हिसाब लगा रही थीऔर हिसाब कुछ खास नहीं था. सुबह से शाम हो गई, मगर एक भी ग्राहक नहीं आया. उसकी आंखों में जो मायूसी थी, उसे छुपाना मुश्किल हो रहा था. बड़ी मासूमियत से उसने अपनी परेशानी शब्दों में बयां कर दीआज तो एक भी फल नहीं बिका, तभी अचानक, वहां से गुजर रहे एक अजनबी की नजर उस पर पड़ी. उसने बिना कुछ सोचे-समझे रुककर एक अनानास खरीद लियासिर्फ ₹50 का, लेकिन उस छोटी सी बात ने जैसे पूरा माहौल ही बदल दिया.

बच्ची के चेहरे पर जो उदासी थी, वो पल भर में गायब हो गई और उसकी जगह एक ऐसी मुस्कान आ गई, जो शायद उस दिन की सबसे खूबसूरत चीज थी. सोचने वाली बात है कभी-कभी हमें लगता है कि हमारे छोटे-छोटे काम शायद किसी के लिए मायने नहीं रखते. मगर हकीकत इससे बिल्कुल उल्टी होती है. एक मामूली सी खरीदारी, एक छोटा सा फैसला, किसी और की पूरी दुनिया बदल सकता है. उस अजनबी ने शायद यह सोचकर भी नहीं खरीदा होगा कि उसका यह छोटा सा कदम इतना बड़ा असर छोड़ेगा. लेकिन बच्ची के लिए, वो सिर्फ ₹50 की बिक्री नहीं थीवो उसके दिन भर की मेहनत का सुकून था, उसकी उम्मीद का जवाब था.

मायूसी पल भर में मुस्कान में बदल गई

यही तो असली इंसानियत है. हम सब अपनी-अपनी जिंदगी में इतने उलझे रहते हैं कि आसपास हो रही छोटी-छोटी तकलीफों पर ध्यान ही नहीं देते. मगर अगर हम बस थोड़ा रुककर, थोड़ा ध्यान से देखें, तो हमें पता चलेगा कि किसी की मदद करना कितना आसान हो सकता है. जरूरी नहीं कि मदद हमेशा बड़ी हो या महंगी हो.

कई बार सिर्फ एक मुस्कान, एक अच्छा शब्द, या एक छोटी सी खरीदारी भी किसी के लिए बहुत मायने रखती है. इस कहानी से एक सीधी और सच्ची सीख मिलती हैदयालुता कभी छोटी नहीं होती. भले ही वो सिर्फ एक फल खरीदने जितनी छोटी बात क्यों न हो, उसका असर बहुत गहरा हो सकता है.

यह भी पढ़ें: Viral: पाकिस्तान में पार्टी के बीच अचानक पहुंचा गोरिल्ला, लाहौर की पार्टी का वीडियो देखकर लोग बोले- भाई ये कौन सा ट्रेंड है!

जब हम किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, तो हमें शायद उस पल में एहसास न हो, मगर सामने वाले के लिए वो लम्हा यादगार बन जाता है, तो अगली बार जब आप किसी सड़क किनारे वाले छोटे विक्रेता को देखें, चाहे वो फल बेच रहा हो, सब्जी बेच रहा हो, या कुछ औरएक पल रुकिए. शायद आपकी एक छोटी सी खरीदारी, किसी की मुस्कुराहट की वजह बन जाए. आखिर में, यही तो जिंदगी हैछोटी-छोटी नेकियों से भरी हुई, जो किसी का दिन बना भी सकती हैं और बदल भी सकती हैं.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

Read More



Exit mobile version