AI का इंसानों पर बड़ा खुलासा!Image Credit source: Pexels
आजकल इंटरनेट पर एक ऐसा सच वायरल हो रहा है, जिसे जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. जब 14 बड़े AI मॉडल्स से पूछा गया कि वे इंसानों के बारे में क्या सोचते हैं, तो उनके जवाब इतने बेरहम और चौंकाने वाले थे कि हर कोई हैरान रह गया.
जब 14 AI मॉडल्स से पूछे गए इंसानों पर सवाल
AI एनालिटिक्स फर्म ‘मॉडलकंपेयर’ ने एक अनोखा टेस्ट किया. इसमें 10 अलग-अलग कंपनियों के 14 बड़े AI मॉडल्स, जैसे GPT, Grok, Gemini और DeepSeek से बिना किसी फिल्टर के इंसानों के बारे में उनकी सबसे विवादित सच्चाई पूछी गई. हैरानी की बात ये है कि अलग-अलग देशों और कंपनियों में बने होने के बावजूद लगभग सभी AI मॉडल्स का जवाब एक जैसा ही था.
‘इंसानों के पास उसूल नहीं, सिर्फ वफादारियां होती हैं’
जब AI से पूछा गया कि वे इंसानों को सच में कैसा समझते हैं, तो उनके जवाब बहुत ही तीखे थे. कई AI मॉडल्स ने कहा कि इंसान सच्चाई पर चलने से ज्यादा अपने ग्रुप का हिस्सा बने रहने को जरूरी समझता है. एलन मस्क के Grok मॉडल ने तंज कसते हुए कहा, इंसान अकेले सही रहने से अच्छा, सबके साथ मिलकर गलत रहना पसंद करते हैं.
उसूलों का करते हैं दिखावा
DeepSeek और दूसरे AI मॉडल्स ने कहा कि इंसानों के कोई पक्के उसूल नहीं होते, बस अपनी-अपनी वफादारी और गुटबाजी होती है. वे जिस ग्रुप से जुड़े होते हैं, पहले उसकी बात मान लेते हैं और फिर अपना दिमाग सिर्फ उसे सही ठहराने के लिए बहाने ढूंढने में लगाते हैं.
AI की इस सोच के क्या हैं मायने?
ये स्टडी बताती है कि जब AI इंटरनेट पर मौजूद करोड़ों डेटा, इंसानों का इतिहास और हमारे आपसी बर्ताव को देखता है, तो उसे इंसान एक समझदार जीव नहीं, बल्कि भावनाओं में बहने वाला और भीड़ के पीछे चलने वाला जीव लगता है. ये रिपोर्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है और लोग बहस कर रहे हैं कि क्या सच में टेक्नोलॉजी हमें, हमसे बेहतर जानने लगी है?
