जिंदगी का अजीब सच! जरूरत के समय नहीं मिलते मौके, आगे बढ़ते ही खुद आने लगते हैं ऑफर, फाउंडर की कहानी वायरल

बिना मांगे रोज मिल रहे 2 ऑफरImage Credit source: Social Media

कहते हैं कि जिंदगी में कई बार चीजें तब मिलने लगती हैं, जब उनकी सबसे ज्यादा जरूरत नहीं रह जाती. नौकरी हो, पैसों की जरूरत हो या पढ़ाई के लिए लोन, कई बार इंसान जिस चीज के लिए सबसे ज्यादा कोशिश करता है, वह उसे समय पर नहीं मिलती. लेकिन जैसे ही हालात बदलते हैं, वही चीज खुद चलकर सामने आने लगती है. गोवा के एक फाउंडर ने अपनी जिंदगी से जुड़ा ऐसा ही अनुभव शेयर किया है, जो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है.

Wisdom Hatch के फाउंडर अक्षत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर बताया कि आज LinkedIn पर उन्हें रोजाना करीब दो जॉब ऑफर मिल जाते हैं. दिलचस्प बात यह है कि फिलहाल वह नौकरी की तलाश में हैं ही नहीं. उनके पास बिना किसी कोशिश के मौके आ रहे हैं, जबकि एक समय ऐसा भी था, जब नौकरी पाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी थी.

LinkedIn पर ऑफर्स की भरमार

अक्षत ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह नौकरी ढूंढ रहे थे, तब उन्होंने करीब 100 कंपनियों से संपर्क किया था. उन्हें उम्मीद थी कि इनमें से कुछ कंपनियां उनके प्रोफाइल में दिलचस्पी दिखाएंगी और बात आगे बढ़ेगी. लेकिन इतने सारे प्रयासों के बावजूद सिर्फ दो कंपनियों की तरफ से जवाब आया. यानी जिस समय उन्हें नौकरी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस समय ज्यादातर कंपनियों ने उनके मैसेज का जवाब तक नहीं दिया.

आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. अब वह नौकरी खोजने के लिए इधर-उधर आवेदन नहीं कर रहे, फिर भी LinkedIn पर हर दिन करीब दो ऑफर मिल रहे हैं. उनके लिए यह बदलाव जिंदगी की एक ऐसी सच्चाई को दिखाता है, जिसे कई लोग अपने अनुभवों से जोड़कर देख सकते हैं.

अक्षत ने सिर्फ नौकरी की तलाश का ही उदाहरण नहीं दिया, बल्कि विदेश में MBA की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लेने का अपना अनुभव भी साझा किया. उन्होंने बताया कि जब उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत थी, तब उन्होंने कई बैंकों से संपर्क किया था. वह यह जानना चाहते थे कि विदेश में पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्हें कितना लोन मिल सकता है. लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें अपनी जरूरत के मुताबिक पूरी रकम का लोन मिलने की उम्मीद नहीं दिखी.

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उन्होंने इस अनुभव की तुलना आज के हालात से करते हुए लिखा कि अब उन्हें लोन की जरूरत नहीं है, तो पांच लोन ऑफर मिल रहे हैं. यानी जिस समय पैसों की जरूरत थी, तब मदद मिलना मुश्किल था, लेकिन जरूरत खत्म होने के बाद ऑफर खुद आने लगे. अक्षत की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए. एक यूजर ने कहा कि जब लोग अच्छी नौकरी में होते हैं, तब रिक्रूटर्स खुद उनसे संपर्क करते हैं. लेकिन जैसे ही वे नौकरी छोड़कर नई नौकरी तलाशने लगते हैं, उन्हीं रिक्रूटर्स तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है.

यहां देखिए पोस्ट

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं. अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.

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