हाथ में AK-47 और पुलिस ले रही तलाशी! यमन की ‘अजब-गजब’ चेकिंग ने घुमाया इंटरनेट का सिर; ये वीडियो देखा क्या?

यमन के इस वायरल नजारे ने इंटरनेट पर मचाया तहलकाImage Credit source: X/@MarioNawfal

दुनियाभर में सुरक्षा चौकियों पर पुलिस लोगों को इसलिए रोकती है ताकि उनके पास हथियार या कोई संदिग्ध सामान न मिले. लेकिन क्या आपने कभी ऐसा नजारा देखा है जहां कंधों पर AK-47 राइफलें लटकाए लोग आराम से लाइन में खड़े हों और पुलिस अफसर बंदूक देखकर भी उन्हें नजरअंदाज कर उनकी जेबें टटोल रहा हो? यमन से सामने आए एक हालिया वीडियो ने इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचा दिया है. इस वायरल वीडियो को देखकर लोग सोच में पड़ गए हैं कि आखिर यह कैसी तलाशी अभियान है जहां राइफलों से कोई ऐतराज ही नहीं है.

कंधे पर बंदूक, फिर भी बेफिक्र पुलिस

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सुरक्षाकर्मी लाइन में खड़े लोगों की तलाशी ले रहे हैं. अजीब बात यह है कि जिन लोगों की चेकिंग हो रही है, उनमें से कई लोगों के कंधों पर AK-47 राइफलें साफ लटकी हुई दिख रही हैं. पुलिस उन बंदूकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है और आराम से लोगों की जेबें और कपड़े टटोल रही है. इस नजारे को देखकर एक यूजर ने मजाक में लिखा, यमन की चेकिंग सच में सबसे अनोखी है. समझ ही नहीं आ रहा कि जब बंदूकों से कोई मतलब नहीं है, तो पुलिस ढूंढ क्या रही है?

आखिर बंदूकों को छोड़कर किस चीज की हो रही है जांच?

जब इंटरनेट पर लोगों का भ्रम बढ़ा, तो एक यूजर ने AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) से इसकी वजह पूछी. जवाब काफी दिलचस्प था. AI ने बताया कि यमन खासकर हुती नियंत्रित इलाकों में AK-47 रखना वहां की कबीलाई संस्कृति का हिस्सा बन चुका है. वहां बंदूकों का होना एक आम बात है, इसलिए सुरक्षाबल हथियारों को देखकर परेशान नहीं होते. पुलिस का सारा ध्यान कपड़ों के भीतर छिपे विस्फोटक या सुसाइड बॉम्बर जैकेट को ढूंढने पर होता है.

बंदूक से ज्यादा आत्मघाती जैकेट का डर क्यों?

भीड़भाड़ वाले इलाकों में AK-47 से हमला करने पर वहां मौजूद बंदूकधारी बाकी लोग तुरंत जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं. लेकिन कपड़ों के नीचे छिपा बम पलक झपकते ही बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है. यही वजह है कि चेकिंग के दौरान पुलिस का पूरा जोर सिर्फ छिपे हुए बारूद और धमाके के सामान को पकड़ने पर रहता है.

सोशल मीडिया पर मजेदार रिएक्शन

यमन के इस अनूठे माहौल और चेकिंग स्टाइल पर लोग जमकर कमेंट्स कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, भाई राइफल तो ठीक है, बस बम मत लाना. दूसरे ने चुटकी ली, शायद यमनी पुलिस अमेरिकी प्रतिनिधियों की तलाश में है.

यहां देखिए वायरल वीडियो

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है.

शुरुआत में वे भोपाल के ‘पीपुल्स समाचार’ अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के ‘जानो दुनिया’ (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई.

अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं.

अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे.

अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

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