फूड डिलीवरी कंपनियों की मनमानी पर फूटा लोगों का गुस्साImage Credit source: X/@Rudra_pvt_
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना हमारी आदत बन चुका है. लेकिन जरा सोचिए, आप अपनी पसंद का खाना 300-400 रुपए में ऑर्डर करें और बिल पेमेंट के समय आपसे 1300 रुपए से ज्यादा मांग लिए जाएं. जी हां, ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों की मनमानी पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है.
खाने से दुगना डिलीवरी चार्ज, यूजर का छलका दर्द
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर @Rudra_pvt_ हैंडल से एक यूजर ने अपने ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के ऑर्डर का स्क्रीनशॉट शेयर किया. कथित तौर पर यूजर ने कुल 379 रुपए का खाना चुना था. लेकिन जब बिल की बारी आई, तो उसके होश उड़ गए. बिल में 19 रुपए रेस्टोरेंट पैकेजिंग चार्ज, 14.90 रुपए प्लेटफॉर्म फीस, 149.50 रुपए जीएसटी और सबसे चौंकाने वाला 744 रुपए का डिलीवरी चार्ज जुड़ा हुआ था. कुल बिल 1,306.40 रुपए तक पहुंच गया. डिस्काउंट कूपन लगाने के बाद भी यूजर को 1,166 रुपए चुकाने थे.
भड़के लोगों ने पूछा- क्या फ्लाइट से आएगा खाना?
इस भारी-भरकम बिल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए यूजर ने मजाकिया लेकिन कड़वे अंदाज में लिखा, क्या फ्लाइट से ऑर्डर करने पर डिलीवरी होगी? देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई. लोगों ने कंपनियों की इस लूट-खसोट पर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी.
एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि इतने पैसे में तो इंसान खुद रेस्टोरेंट जाकर शाही खाना खा आए. वहीं दूसरे ने लिखा, ये एक्स्ट्रा चार्जेज आम आदमी की जेब पर सीधा डाका है, इन पर कोई सीमा तय होनी चाहिए. एक अन्य यूजर ने बताया कि 1 किलोमीटर की दूरी के लिए भी भारी-भरकम पैकेजिंग और डिलीवरी फीस वसूलना सरासर धोखा है.
फेक या AI जेनरेटेड?
हालांकि, 379 रुपए के खाने पर 744 रुपए का डिलीवरी चार्ज और लगभग 150 रुपए का जीएसटी कई लोगों के गले नहीं उतर रहा है. कई यूजर्स इसे किसी सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी, एडिटेड इमेज या एआई जेनरेटेड मान रहे हैं.
वायरल स्क्रीनशॉट पर भड़के यूजर्स
Order flight se deliver hoga kya 🤔 pic.twitter.com/yaytaxBvnP
— . (@Rudra_pvt_) August 24, 2026
Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
