30 साल की उम्र में ना करें ये बड़ी गलती, 80 साल की दादी ने वक्त को लेकर दी कमाल की सीख…अनमोल शब्दों ने जीता सबका दिल

दादी के शब्दों ने जीत लिया लोगों का दिलImage Credit source: Instagram/ dadidiljitkaur

हर इंसान एक उम्र के बाद यही सोचता है कि काश छोटा बच्चा बन जाऊं, वही मस्तियां फिर से कर पाऊं, वो दिन लौट आएं… ऐसी सोच हम सबके मन में कभी न कभी आती ही है, लेकिन मुश्किल ये है कि इन्हीं ‘काश’ में उलझे रहने में अक्सर हम वो वक्त भी गंवा बैठते हैं, जो अभी हमारे पास मौजूद है. यही वजह है कि जिंदगी की कुछ जरूरी बातें समझना और उन्हें हमेशा याद रखना बेहद जरूरी हो जाता है. ऐसी ही एक जरूरी बात लेकर आई हैं 80 साल की उम्र पार कर चुकीं एक दादी.

सरदारनी दिलजीत कौर का एक वीडियो इन दिनों काफी चर्चा में है, जिसमें वो खुद को 30 साल की उम्र में वापस ले जाती नजर आती हैं. वो कहती हैं कि अगर उन्हें दोबारा 30 साल की जिंदगी जीने का मौका मिले, तो वो एक गलती कभी नहीं दोहराएंगी और वो गलती है दूसरों से अपनी तुलना करना. ये एक आदत है, जो आज के दौर में लगभग हर इंसान को किसी न किसी तरह परेशान कर रही है.

तुलना ने बर्बाद कर दी खुशियां

दिलजीत कौर बताती हैं कि आजकल तुलना करना जैसे एक फैशन बन गया है. हर तरफ यही होड़ मची है – किसने क्या पाया, कौन आगे निकल गया. किसी ने नया फ्लैट खरीद लिया, किसी की शादी हो गई, कोई विदेश घूम आया, तो किसी के पास पैसों की कोई कमी नहीं. बस इन्हीं बातों को देख-देखकर लोग खुद को कमतर समझने लगते हैं.

मानो पूरी दुनिया ने एक अनकहा पैमाना तय कर रखा हो, जिस पर हर किसी को खुद को परखना है, लेकिन दादी की बात यहीं सबसे गहरी है. वो कहती हैं कि जिंदगी कोई रेस नहीं है, जिसमें जीतने के लिए दूसरों से आगे निकलना जरूरी हो. हर इंसान की अपनी रफ्तार है, अपना वक्त है. जरूरी ये नहीं कि आप किसी से आगे हैं या पीछे, जरूरी ये है कि आपके पास जो कुछ भी है, उसके लिए आप कितने शुक्रगुजार हैं. उनका मानना है कि अगर इंसान ईमानदारी से मेहनत करता रहे और अपने वक्त पर भरोसा बनाए रखे, तो सफलता देर-सवेर जरूर मिलती है. बस धैर्य रखना जरूरी है.

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इस वीडियो ने लोगों के दिलों को छू लिया है. कमेंट सेक्शन में लोगों की भरमार लगी हुई है, जो दिलजीत कौर का धन्यवाद कर रहे हैं. सच में, कभी-कभी जिंदगी के सबसे बड़े सबक बड़ी उम्र के अनुभवों से ही मिलते हैं. तुलना छोड़कर अपने रास्ते पर चलना, खुद से प्यार करना और जो है उसमें खुशी ढूंढना – शायद यही असली सुकून की चाबी है. तो अगली बार जब आपका मन किसी से तुलना करने लगे, दिलजीत दादी की ये बात याद कर लीजिएगा.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



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