40 साल पुराने जापानी घर ने मचाया धमाल, वीडियो में दिखी असली जापानी संस्कृति

ऐसे होते हैं जापान के घर Image Credit source: Instagram/ _vacationer_

सोशल मीडिया का यही तो मजा है कि यहां आए दिन कोई ना कोई वीडियो लोगों का ध्यान अपना अपनी ओर खींच लेते हैं, लेकिन इस बार बात जापान के एक 40 साल पुराने घर की हो रही है, और सच कहें तो यह वाकई बाकी वीडियोज़ से अलग है. इंस्टाग्राम पर आदित्य साहू नाम के एक यूजर ने यह वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे जापान में रहने वाली एक महिला से रिक्वेस्ट करते दिखते हैं कि क्या वो अपना घर दिखा सकती हैं.

महिला हंसते हुए हामी भर देती हैं, बस इतना बोलती हैं कि घर थोड़ा अस्त-व्यस्त है, फिर भी वो अंदर ले जाने को तैयार हो जाती हैं. जैसे ही एंट्री होती है, महिला अपने 40 साल पुराने घर की झलक दिखाना शुरू करती हैं. अंदर घुसते ही टाटामी फ्लोरिंग नजर आती है – यह वही पारंपरिक घास की चटाई है जो जापानी घरों की पहचान मानी जाती है. इसके अलावा लकड़ी की दीवारें भी हैं, जो साफ बताती हैं कि यह घर पुराने जापानी आर्किटेक्चर की मिसाल है.

एकदम अलग है ये घर

आगे महिला बताती हैं कि शाम के वक्त वो और उनके पति यहीं मेन रूम में बैठकर साथ में टीवी देखते हैं. सुनने में एकदम सामान्य लगता है ना, बिल्कुल हमारी-आपकी जिंदगी जैसा, बस स्टाइल और सेटिंग थोड़ी अलग है. टूर यहीं नहीं रुकता. महिला किचन दिखाती हैं, फिर गार्डन की तरफ ले जाती हैं और घर की सीढ़ियां भी दिखाती हैं. जापानी स्टाइल का बाथरूम देखने के बाद आदित्य इतना बड़ा घर देखकर पूछ बैठते हैं कि क्या आप यहां अकेली रहती हैं?”

इस पर महिला मजाक में जवाब देती हैं कि नहीं-नहीं, अकेले रहने के लिए तो ये घर बहुत बड़ा है, इसीलिए तो मेरे पास पति भी है! कुछ ही सेकंड में उनके पति युसुके भी कैमरे के सामने आ जाते हैं और मुस्कुराते हुए हाय बोलते हैं.

अब जरा भारत और जापान के घरों की तुलना करें तो फर्क साफ नजर आता है. भारत में घर बनाते वक्त हम अक्सर बड़े परिवार और ज्यादा सामान को ध्यान में रखते हैं – इसलिए बड़े कमरे, आंगन, बालकनी, स्टोरेज वगैरह पर खास ध्यान दिया जाता है. दूसरी तरफ जापानी घरों में सोच बिल्कुल अलग है – कम जगह में ज्यादा काम कैसे निकाला जाए, सादगी कैसे बनाए रखी जाए, और प्रकृति के करीब कैसे रहा जाए. पारंपरिक जापानी घरों में लकड़ी का इस्तेमाल, स्लाइडिंग दरवाजे, टाटामी फ्लोरिंग और छोटे-छोटे गार्डन आम बात है. फिर भी दोनों देशों की पुरानी वास्तुकला में एक चीज कॉमन है – घर में नेचुरल लाइट और हवा के लिए खुली जगह छोड़ने की परंपरा.

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वीडियो वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में लोगों ने सिर्फ घर की तारीफ नहीं की, बल्कि इस कपल के व्यवहार को भी खूब सराहा. किसी ने लिखा कि इनका अंदाज दिल जीत लेने वाला है, तो किसी ने इनकी विनम्रता और शिष्टाचार की खास तारीफ की.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



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