International
oi-Sohit Kumar
पाकिस्तान
द्वारा
अफगानिस्तान
की
राजधानी
काबुल
और
अन्य
शहरों
में
किए
गए
हवाई
हमलों
ने
दोनों
देशों
के
बीच
तनाव
को
चरम
पर
पहुंचा
दिया
है।
इन
हमलों
के
बाद
यह
सवाल
उठ
रहा
है
कि
जिस
अफगानिस्तान
के
पास
कोई
आधुनिक
फाइटर
जेट
नहीं
है
और
जिसकी
हवाई
ताकत
लगभग
शून्य
है,
उसके
सामने
पाकिस्तान
क्यों
‘थर-थर
कांप’
रहा
है?
इसकी
सबसे
बड़ी
वजह
है
तालिबान
लड़ाकों
का
‘घातक
हथियार’-
गोरिल्ला
युद्ध
रणनीति
और
लगभग
दो
लाख
लड़ाकों
की
विशाल
जमीनी
फौज।
पाकिस्तान
की
आधुनिक
सैन्य
क्षमता
के
बावजूद,
उसे
ज़मीन
पर
लम्बी
लड़ाई
और
TTP
(तहरीक-ए-तालिबान
पाकिस्तान)
के
साथ
मिलकर
होने
वाले
पलटवार
का
डर
सता
रहा
है।

क्या
है
तालिबान
का
घातक
हथियार?
जमीनी
फौज
और
रणनीति:
तालिबान
की
सैन्य
शक्ति
उसके
गोरिल्ला
युद्ध
कौशल
में
निहित
है।
उनकी
लगभग
दो
लाख
लड़ाकों
वाली
फौज
दुर्गम
पहाड़ी
इलाकों
में
लड़ने
में
माहिर
है।
ये
लड़ाके
पारंपरिक
सेना
की
तरह
नहीं
लड़ते,
बल्कि
तेजी
से
हमला
करने
और
अचानक
पलटवार
करने
में
सक्षम
हैं,
जिससे
पाकिस्तान
को
सीमावर्ती
झड़पों
में
नुकसान
उठाना
पड़ता
है।
हथियारों
की
स्थिति:
तालिबान
के
पास
आधुनिक
फाइटर
जेट
या
प्रभावी
एयर
डिफेंस
सिस्टम
नहीं
है।
उनके
पास
ज़्यादातर
हथियार
अमेरिका
द्वारा
पीछे
छोड़े
गए
या
सोवियत
दौर
के
पुराने
टैंक,
बख्तरबंद
वाहन
और
छोटे
हथियार
हैं।
वर्तमान
एक्शन:
पाकिस्तानी
हमले
के
बाद
तालिबान
ने
जवाबी
कार्रवाई
की
बात
कही
है।
यह
पहला
मौका
था
जब
पाकिस्तान
ने
काबुल
को
निशाना
बनाया।
अफ़गान
पक्ष
ने
दावा
किया
कि
उन्होंने
सीमा
पार
की
जवाबी
कार्रवाई
में
12
पाकिस्तानी
सैनिकों
को
मार
गिराया
और
कुछ
पाकिस्तानी
हथियार
जब्त
किए।
कौन-कितने
दिन
टिकेगा:
युद्ध
हुआ
तो
नतीजा
क्या?
-
पाकिस्तान
की
हवाई
ताकत:
अगर
युद्ध
हवाई
या
तकनीकी
मोर्चे
पर
लड़ा
गया,
तो
पाकिस्तान
की
बढ़त
स्पष्ट
है।
उसके
पास
आधुनिक
लड़ाकू
विमान,
मिसाइल
सिस्टम
और
एक
संगठित
सैन्य
शक्ति
है। -
अफ़गानिस्तान
की
जमीनी
बढ़त:
अगर
टकराव
सीमित
जमीनी
लड़ाई
तक
सीमित
रहा,
तो
तालिबान
की
गोरिल्ला
रणनीति
पाकिस्तान
को
लम्बे
समय
तक
उलझाए
रख
सकती
है। -
दोनों
देशों
की
सबसे
बड़ी
कमजोरी:
दोनों
ही
देश
गंभीर
आर्थिक
और
राजनीतिक
चुनौतियों
से
जूझ
रहे
हैं।
पाकिस्तान
लगातार
बढ़ते
कर्ज
और
अस्थिरता
से
परेशान
है,
जबकि
तालिबान
को
अंतरराष्ट्रीय
मान्यता
और
संसाधनों
की
कमी
का
सामना
है। -
रिजल्ट:
एक्सपर्ट
मानते
हैं
कि
दोनों
देशों
की
वर्तमान
आर्थिक
स्थिति
किसी
भी
बड़े,
लम्बे
युद्ध
की
इजाजत
नहीं
देती।
यह
टकराव
केवल
सीमित
सीमा-झड़पों
तक
ही
सीमित
रहने
की
संभावना
है,
क्योंकि
एक
बड़ा
युद्ध
दोनों
देशों
के
लिए
संकट
का
कारण
बन
सकता
है।
दुनिया
में
किस
स्थान
पर
है
पाकिस्तान
की
आर्मी?
पाकिस्तान
की
सेना
2025
में
वैश्विक
स्तर
पर
12वें
स्थान
पर
है।
रिपोर्ट्स
के
मुताबिक,
पाकिस्तान
के
पास
6,54,000
एक्टिव
सैनिकों
और
5
लाख
अर्धसैनिक
बलों
(पैरा-मिलिट्री)
का
एक
बड़ा
जत्था
है।
सेना
की
प्रमुख
ताकत
उसके
विशाल
परमाणु
हथियार
कार्यक्रम
में
निहित
है,
जिसमें
अनुमानित
170
वॉरहेड्स
शामिल
हैं,
जो
उसे
रणनीतिक
बढ़त
दिलाते
हैं।
भारत
के
आगे
कहीं
नहीं
टिकती
पाक
सेना
पारंपरिक
युद्ध
क्षमता
की
बात
करें
तो,
पाकिस्तान
की
सेना
को
भारत
की
सैन्य
शक्ति
के
सामने
सीधी
चुनौती
का
सामना
करना
पड़ता
है।
भले
ही
पाकिस्तान
के
पास
लगभग
2,627
टैंक
और
1,399
विमानों
का
बेड़ा
मौजूद
हो
और
उसे
चीन
की
रणनीतिक
साझेदारी
से
उन्नत
तकनीक
मिलती
हो,
लेकिन
कम
रक्षा
बजट
और
भारत
की
तुलना
में
कम
उपकरणों
के
कारण
वह
पिछड़
जाती
है।
भारतीय
सेना
के
पास
ज़मीन,
हवा
और
नौसेना,
हर
मोर्चे
पर
पाकिस्तान
से
कहीं
अधिक
बड़ी
फौज
और
बेहतर
संसाधन
हैं।
इस
कारण,
पाकिस्तान
की
सेना
पारंपरिक
सैन्य
क्षेत्रों
में
भारत
के
विशाल
सैन्यबल
और
आक्रामक
क्षमताओं
के
सामने
संघर्ष
करती
दिखाई
देती
है।
शांति
भंग
हुई
तो
‘अन्य
विकल्प’
खुले
हैं-
अफ़गानिस्तान
अफ़गानिस्तान
के
कार्यवाहक
विदेश
मंत्री
आमिर
खान
मुत्तकी
ने
रविवार
(12
अक्टूबर,
2025)
को
पाकिस्तान
को
साफ़
संदेश
दिया
कि
अफ़गानिस्तान
अपने
संघर्षों
का
समाधान
शांतिपूर्ण
तरीके
से
चाहता
है,
लेकिन
अगर
शांति
के
प्रयास
सफल
नहीं
होते
हैं,
तो
उसके
पास
‘अन्य
विकल्प’
भी
मौजूद
हैं।
मुत्तकी
का
यह
बयान
तब
आया
जब
गुरुवार
(9
अक्टूबर)
को
पाकिस्तानी
हवाई
हमलों
के
बाद
दोनों
देशों
के
बीच
तनाव
बढ़
गया
था।
अफ़गान
दूतावास
में
एक
मीडिया
ब्रीफिंग
के
दौरान
मुत्तकी
ने
कहा
कि
वर्तमान
में
स्थिति
कंट्रोल
में
है,
लेकिन
यह
भी
स्पष्ट
कर
दिया
कि
अफ़गानिस्तान
अपनी
संप्रभुता
और
सुरक्षा
को
लेकर
कोई
समझौता
नहीं
करेगा।
मुत्तकी
ने
दोनों
देशों
के
बीच
तनाव
के
लिए
पाकिस्तान
के
‘कुछ
तत्वों’
को
जिम्मेदार
ठहराया।
उन्होंने
कहा
कि
अफ़गानिस्तान
के
पाकिस्तान
की
जनता
और
सरकार
के
साथ
‘अच्छे
संबंध’
हैं,
लेकिन
उसी
देश
के
कुछ
तत्व
जानबूझकर
समस्याएं
पैदा
करने
की
कोशिश
कर
रहे
हैं।
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English summary
pakistan or Afghanistan who holds more power in the Battle of Weapons