साउथ इंडियन डॉक्टर और गोंडा की अवधी का अनोखा मेल, बोलीं तो लोगों के चेहरे पर आ गई मुस्कान

डॉक्टर को भा गई देसी बोली Image Credit source: X/@sanket

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिला डॉक्टर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो फिलहाल उत्तर प्रदेश के गोंडा में अपनी ड्यूटी निभा रही हैं. डॉक्टर के तौर पर मरीजों की सेवा करना तो उनके काम का हिस्सा है ही, लेकिन गोंडा में रहते हुए उन्होंने एक ऐसी चीज भी सीख ली, जिसने उनके एक्सपीरियंस को और खास बना दिया. ये कुछ और नहीं बल्कि स्थानीय भाषा अवधी है.

शुरुआत में जब उन्होंने लोगों को आपस में अवधी में बातचीत करते सुना होगा, तो शायद बहुत कुछ समझना आसान नहीं रहा होगा. अलग लहजा, अलग शब्द और बोलने का बिल्कुल अपना अंदाज. लेकिन धीरे-धीरे डॉक्टर साहिबा को यह भाषा पसंद आने लगी. उन्होंने सिर्फ इसे सुनकर समझने की कोशिश नहीं की, बल्कि खुद भी अवधी सीखने लगीं.

क्या कहा डॉक्टर ने?

आज हालात यह हैं कि वह अवधी के कई शब्द और वाक्य बड़े मजेदार अंदाज में बोल लेती हैं. खास बात यह है कि इस भाषा को सीखने के दौरान उन्हें जो एक्सपीरियंस हुए, उनमें कई ऐसे किस्से हैं जो सुनने वालों के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं.

गोंडा में ड्यूटी के दौरान उनका सामना अलग-अलग लोगों से होता रहा. मरीजों और स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए उन्हें अवधी के कई ऐसे शब्द सुनने को मिले, जिनका मतलब जानकर उन्हें हैरानी भी हुई और हंसी भी आई. एक नई जगह पर जाकर वहां की भाषा को समझना अपने आप में एक दिलचस्प एक्सपीरियंस होता है. डॉक्टर साहिबा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ.

वो अपने वीडियो में कहती है कि आप सब तो जानते ही हैं, मैं एक साउथ इंडियन हूं और शादी के बाद मैंने हिंदी बोलना सीखी है, मेरा सबसे फेवरेट लैंग्वेज अवधी है, जब कोई अवधी में मुझसे बात करता है, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है, और जब मरीज अवधी भाषा में मुझे अपनी समस्या बताता है, तो मुझे इतना खुशी मिलती है, लगता है कोई मुझे कविता सुना रहा हूं.

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दक्षिण भारत की पृष्ठभूमि से आने वाली इस डॉक्टर ने गोंडा की बोली को जिस खुले मन से अपनाया, वह वाकई दिलचस्प है. आमतौर पर जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे इलाके में जाता है तो वहां के खान-पान, रहन-सहन और मौसम की चर्चा होती है. लेकिन यहां कहानी थोड़ी अलग है. डॉक्टर ने स्थानीय भाषा को ही अपने एक्सपीरियंस का हिस्सा बना लिया.

यहां देखिए वीडियो

आयुष कुमार

आयुष कुमार, टीवी9 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं. अशोक और चाणक्य की धरती बिहार से हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की तालीम हासिल की है. पत्रकारिता में तीन साल से तिल को बिना ताड़ बनाए किसी भी सोशल मुद्दे को 360 डिग्री समझाने की कोशिश करते हैं.

अमर उजाला, फिरकी डॉट इन से अपने पत्रकारीय सफर की शुरुआत की है. पाठकों तक सरल शब्दों में खबरें पहुंचाना उद्देश्य रहा है. लेखन की इस दुनिया में दिलचस्पी इसलिए बढ़ गई, क्योंकि बचपन से ही काफी ज्यादा बातूनी रहे हैं. फिलहाल, टीवी9 में फीचर राइटिंग करते हुए सोशल मीडिया की नब्ज पकड़ने में माहिर हो गए है. अजीबोगरीब खबरों को गजब तरीके से लिखकर आप सबके सामने पेश करते हैं.Read More



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